रविवार, ५ अक्तूबर २००८

हमरा लोग और हमरी संस्कृति
















रविवार, २८ सितम्बर २००८

म्यार गढ़वाल



'म्यार गढ़वाल' ब्लॉग आपक स्वागत च। म्यार गढ़वाल प्रयाश च गढ़वाल की समर्द्ध संस्कृति थे वेका अपंड लोगों तक पहुचांड। दुख: की बात त यही आजकी गढ़वाली पीडी अपंडी संस्कृति और भाषा थे भुल्दी जांडी च। आंड वाला अंकों म मी गढ़वाली संस्कृति क बारा आपाथे जानकारी दुयला।